Saturday, January 15, 2011

शायरी पर शायरी (Shayari - Majaal )

हमें सोचा की बस बनी,
रही वो जस की तस बनी !

जब तक जस्बात जब्त थे,
हालत रहमो तरस  बनी !

गर्मी थी, बेकसी अन्दर,
बाहर सुकून-ए-खस बनी !

कभी निकली बनके महक,
कभी मवाद-ए- पस बनी !

ग़ालिब ताउम्र जुटे 'मजाल',
तब जाकर ढंग की दस बनी !

26 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

कम से कम बनी तो

anshumala said...

कभी निकली बनके महक,
कभी मवाद-ए- पस बनी !

शरीर आत्मा की गन्दगी बाहर आ जाये तो वो भी अच्छा है |

Rajey Sha said...

तब जाकर ये ढंग की 10 बनी'- मुझे नहीं लगता ये हो पाया।

किलर झपाटा said...

चिरकीन को उठा कर यहाँ ले आए हो और वाहवाही मजाल के नाम पर बटोर रहे हो गन्दे आदमी। वैरी बैड।

ali said...

एक एक शेर कई कई बार पढ़ा समझ में नहीं आ रहा कि,किन लफ़्ज़ों में तारीफ़ करूं !

निर्मला कपिला said...

गर्मी थी, बेकसी अन्दर,
बाहर सुकून-ए-खस बनी !

कभी निकली बनके महक,
कभी मवाद-ए- पस बनी !
आखिर मजाल कितनी सुन्दर गज़ल बनी। मतला तो लाजवाब है बधाई।

mahendra verma said...

गर्मी थी, बेकसी अन्दर,
बाहर सुकून-ए-खस बनी !

वाह, कमाल की ग़ज़ल है।
...अच्छी लगी।

Learn By Watch said...

प्रिय,

भारतीय ब्लॉग अग्रीगेटरों की दुर्दशा को देखते हुए, हमने एक ब्लॉग अग्रीगेटर बनाया है| आप अपना ब्लॉग सम्मिलित कर के इसके विकास में योगदान दें - धन्यवाद|

अपना ब्लॉग, हिन्दी ब्लॉग अग्रीगेटर
अपना खाता बनाएँ
अपना ब्लॉग सम्मिलित करने के लिए यहाँ क्लिक करें

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

जितनी भी बन जाएँ अच्छा हैं..... वैसे यह दस कमाल बनी हैं......

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

मजाल जी

बहुत ख़ूब !
गर्मी थी, बेकसी अन्दर,
बाहर सुकून-ए-खस बनी !


ग़ालिब की दस ही बनी … बेचारे आपसे पीछे ही रहे … :)

शुभकामनाओं सहित
- राजेन्द्र स्वर्णकार

ana said...

bahut achchhe

kumar zahid said...

बेहतर


किसकी बनी है आला ए नापायदार में ?

saim said...

awesome..

funny sms

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

गजब शायरी।
---------
ध्‍यान का विज्ञान।
मधुबाला के सौन्‍दर्य को निरखने का अवसर।

रामपुरी सम्राट श्री राम लाल said...

हमारा एक छोटा सा प्रयास है इन्टरनेट पर उपलब्ध हास्य व्यंग लेखो को एक साथ एक जगह पर उपलब्ध करवाने का,

सभी इच्छुक ब्लोगर्स आमंत्रित है


हास्य व्यंग ब्लॉगर्स असोसिएशन सदस्य बने

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH said...

मजाल की मजाल तो देखो....
ग़ालिब की मेहनत भी सर्कस बनी!!!
भाई, खड़े होके सैल्यूट!
आशीष
---
लम्हा!!!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

मजाल साहब

कहां हैं ?

बीते , बहुत दिन बीते … :)

होली की अग्रिम शुभकामनाएं !

हरीश सिंह said...

आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति करे. आप यहाँ भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
डंके की चोट पर

दिगम्बर नासवा said...

कभी निकली बनके महक,
कभी मवाद-ए- पस बनी ....

Bahut khoob ... ye gazal to lajawaab hi bahi hai ...

हल्ला बोल said...

ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. जो धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
इस ब्लॉग पर आने से हिंदुत्व का विरोध करने वाले कट्टर मुसलमान और धर्मनिरपेक्ष { कायर} हिन्दू भी परहेज करे.
समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
देशभक्त हिन्दू ब्लोगरो का पहला साझा मंच - हल्ला बोल
हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

shalini gaur said...

मेरा ब्लॉग पड़े ..भावनाओं का संग्रह....
http://shalinigaur10.blogspot.com/search?updated-min=2011-01-01T00%3A00%3A00-08%3A00&updated-max=2012-01-01T00%3A00%3A00-08%3A00&max-results=5

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

gohost said...

I inspire your blog. Its simple and perfect collections.

web hosting india

सतीश सक्सेना said...

:-)
कहाँ गायब हैं आजकल मजाल साहब ??

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

आजकल आप कहाँ हो आगे नहीं लिख रहे हो?

देवेन्द्र पाण्डेय said...

छोटे बहर की लाज़वाब गज़ल है।

Related Posts with Thumbnails