Saturday, September 11, 2010

मस्का मार के ! ( Hasya Kavita - Majaal )

आप सिकंदर, हम पोरस,
आप Solo, हम Chorus !
आप संगीत मधुर, हम Music Loud,
आप Pressure में Century, हम No Ball में Run Out !

आप जुबान पक्की, हम टूटा वादा,
आप Iodine युक्त, हम नमक सादा !
आप Confirm Ticket, हम in Waiting List,
आप payment एकमुश्त, हम परेशान किश्त !

आप मकसद, हम बेवजह,
आप कहीं-कहीं, हम जगह-जगह!
आप राजा भोज, हम गंगू तेली,
आप अलबर्ट आइन्स्टाइन, हम गैलिलियो गैलिली !

आप नसीब-ए-कुदरत, हम बुरा वक्त,
आप स्पष्ट बहुमत, हम जमानत जब्त !
आप गलत भी सही, हम सही भी तुक्का,
आप Imported Cigar, हम देसी हुक्का !

आप हस्ती मुक्कमल , हम महज ख़याल ,
आप नपी-तुली कूटनीति , हम ऐरे-गैरे 'मजाल' !

4 comments:

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

भागदौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी के बीच माहौल को हल्का-फ़ुल्का करने की बेहतरीन कोशिश.

Rajey Sha said...

तुक और लम्‍बी जा सकती थी...ये भी बेहतर है।

Parul said...

kya majal ki gustakhi mein kuch kahen..accha experiment hai :)

मो सम कौन ? said...

इतना मस्का काहे मार दिया, मजाल साहब।

मजेदार।

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