Thursday, November 25, 2010

कुछ फुटकर हास्य-कविताएँ ( Hasya Kavitaen - Majaal )

कुछ फुटकर हास्य कविताएँ, या फिर कुछ कुछ  मजालिया किस्म की नज्में ही समझिये .....

1. जब,
    पूरी ताकत लगाने पर,
    झटके दे दे कर,
    मुँह  से गर्म करने पर,
    और हजार बार रगड़ने ,
    के बावजूद,
    स्याही नहीं आती,
    ठीक से,
    कागज़ पर,
    तब,
    अन्दर जब्त,
    वो अधपके से जस्बात,
    बनके लफ्ज़,

    चढ़ आतें है ऊपर, 
    और वो आवाज़,
    वो आहट,
    सुनने के बजाए,
    दिखती है,
    चेहरे पर,
    बनके,
  
     झल्लाहट ... !

 2. मियाँ मजाल !
    आपकी सोच में पाई गयी है अनियमता,
     क्यों न उसे निरस्त कर दिया जाए,
     और क्यों न बहाल कर लिया जाए,
     सुकून को, जो है, मुल्तवी,
     सूद के साथ.
     जिंदगी अक्सर,
     तन्हाइयों में,
     भेजती रहती है मुझे,
 
     कारण बताओ नोटिस !

3. जैसे,
    किसी शायर ने,
    जो जो,
    जैसा जैसा,
    जहाँ जहाँ,
    सोच कर कहा था,
    उसे,
    वहाँ वहाँ,
    उन उन,
    जगहों में,
    मिल जाए,
    ठीक,
    वैसी की वैसी,
    दाद.....

    मुराद !!!!!

21 comments:

Shah Nawaz said...

:-)

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

लीजिये दाद...

arvind said...

bahut khoob.

anshumala said...

पहला वाला सबसे मजेदार था |मेरी तरफ से भी दाद लीजिये और दाद लेते समय हमेसा ध्यान रखे की कोई छुपा कर खाज ना दे जाये |

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

झल्लाहट बढ़िया लगी ...

महेन्द्र मिश्र said...

भाई बहुत बढ़िया लगी हास्य रचनाएँ ..... आभार प्रस्तुति के लिए....

Majaal said...

आप सभी लोगो का प्रतिक्रियाओं के लिए आभार ....

Kajal Kumar said...

वाह भई बहुत बढ़िया. बल्ले बल्ले.

स्वप्निल कुमार 'आतिश' said...

are majaal saab ......maafi ke haqdaar to nahi hain hum..par fir bhi maafi mangenge jaroor..main ba tak aapke blog par aaya kyun nahi ...ye sochne wali baat hai..ye teenon kavitaayen.. bahut zaroori dastaavez hain..in kavitaon ke unvan aur unka apni kavitaon se judaav adbhut hai .. ..teenon rachnaon ne dhyaan kheencha hai... mubaraq bad dete hue ..fir si maafi kee guzarish karna chahunga...

shikha varshney said...

दाद कुबूल कीजिये :)

ali said...

अगर मुझे ग्रेडेशन का अख्तियार हो तो कुछ यूं करूँगा

मुराद = १
कारण बताओ नोटिस = २
झल्लाहट = ३

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी इस पोस्ट का लिंक कल शुक्रवार को (२६--११-- २०१० ) चर्चा मंच पर भी है ...

http://charchamanch.blogspot.com/

--

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

हास्य के आड़ में आपने गहरी बात कह दी !

Thakur M.Islam Vinay said...

nice

अनामिका की सदायें ...... said...

jhallahat aur daad ki kya baat hai ji.badhiya.

'उदय' said...

... kyaa baat hai ... shaandaar-jaandaar !!!

दिगम्बर नासवा said...

तो इन सब पर हमारी भी दाद ... बहुत कमाल ....

अनुपमा पाठक said...

:)
हास्य का पुट लिए कही गयी गहन बातें!
आभार!

Firoz kha said...

mujhe achha lagi ap ki kavitaye

Firoz kha said...

Khud mitenge meri hasti ko mitane wale dkhenge tujh ko bhi ek ro jaman e wale

Firoz kha said...

ITNA ASAR JO MAAKI DUAYO NE DE DIYA .
AMA KE JO KADMO NE JINA SIKHA DIYA

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